श्री सैनी धर्मशाला
श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का पावन धाम
"सेवा • श्रद्धा • सहयोग" — तीर्थयात्रियों, साधु-संतों व समाज के लिए सात्विक व सुरक्षित विश्राम स्थल का निर्माण कार्य निरंतर प्रगति पर है। इस पुनीत कार्य में आप सभी धर्मप्रेमी बंधु अपना बहुमूल्य सहयोग व आशीर्वाद देकर समाज के इस पावन मंदिर निर्माण में भागीदार बनें।
अतिथि आवास
सात्विक व स्वच्छ वातावरण
धार्मिक अनुष्ठान
सत्संग व उत्सव व्यवस्था
अन्नक्षेत्र सेवा
भंडारा व प्रसाद सहयोग
पारदर्शी प्रबंधन
दान की शत-प्रतिशत रसीद
श्री सैनी धर्मशाला परिचय
सेवा और सहयोग की भावना से जुड़ा एक पवित्र संस्थान...
श्री सैनी धर्मशाला एक ऐसा स्थान है जहाँ परंपरा, समर्पण और धर्मार्थ सेवा एक साथ जीवंत होती हैं। हमारे समाज और धर्मानुरागी सज्जनों के सहयोग से स्थापित यह धर्मशाला बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों एवं आगंतुकों के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ और शांतिदायक आश्रय प्रदान करती है।
यहाँ बिना किसी व्यावसायिक लाभ के सात्विक मूल्यों के साथ प्रबंधन किया जाता है। धर्मशाला परिसर में समय-समय पर धार्मिक सत्संग, उत्सव और सामुदायिक सेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
धर्मार्थ संकल्प
"परोपकाराय पुण्याय" — परोपकार और सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य है। धर्मशाला का प्रत्येक कार्य समाज के सहयोग और पारदर्शिता के आधार पर संचालित होता है।
सेवा एवं सेवा प्रकल्प
हमारा उद्देश्य समाज के सहयोग से विभिन्न धार्मिक और मानवीय सेवाओं का निःस्वार्थ संचालन करना है।
अतिथि सेवा
आने वाले यात्रियों और अतिथियों के लिए शांतिपूर्ण, स्वच्छ एवं सुरक्षित ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध कराना।
धार्मिक सेवा
धार्मिक अनुष्ठानों, सत्संग, भजन संध्या और सांस्कृतिक त्योहारों के आयोजनों में सक्रिय सहभागिता व व्यवस्था।
समाज सेवा
समाज के जरूरतमंद परिवारों, विद्यार्थियों तथा सामुदायिक मांगलिक कार्यों के लिए उपयोगी सहायता में योगदान।
सहयोग एवं विकास
दानदाताओं और भक्तों के सहयोग से धर्मशाला के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं का निरंतर विस्तार करना।
आप किस रूप में सहभागिता कर सकते हैं?
धर्मशाला के निर्माण एवं सेवा में प्रत्येक श्रद्धासुमन मूल्यवान है। अपनी सुविधानुसार सेवा प्रकल्प का चयन करें।
ईंट व सामग्री समर्पण
धर्मशाला की दीवारों व नींव में एक या अधिक ईंटों का पावन सहयोग देकर स्थायी पुण्य संचित करें।
एक दिन का भंडारा सहयोग
अपने जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ या पूर्वजों की पुण्यस्मृति में यात्रियों व साधुओं के लिए सात्विक भोजन कराएं।
स्मृति कक्ष निर्माण समर्पण
परिजनों या पूर्वजों के नाम से एक सुसज्जित अतिथि कक्ष का निर्माण कराकर उनका नाम स्मृति पटल पर अंकित कराएं।
शीतल RO जल व स्वच्छता
यात्रियों के लिए निरंतर शुद्ध पेयजल, वॉटर कूलर एवं परिसर की स्वच्छता व्यवस्था में नियमित सहयोग दें।
समीपवर्ती प्रमुख सिद्धपीठ एवं तीर्थ स्थल
सहारनपुर-रुड़की मुख्य मार्ग (छुटमलपुर) पर स्थित होने के कारण यहाँ से उत्तर भारत के पावन तीर्थ अत्यंत सुलभ हैं।
माँ शाकम्भरी देवी सिद्धपीठ
शिवालिक पर्वत श्रृंखला में स्थित 51 शक्तिपीठों में से एक प्रसिद्ध पावन धाम। नवरात्रों व मेलों में लाखों भक्त दर्शन हेतु पधारते हैं।
हरिद्वार (हर की पौड़ी)
पतितपावनी माँ गंगा का पावन तट, कुंभ नगरी एवं कांवड़ यात्रा का मुख्य केंद्र। यहाँ दैनिक विश्वप्रसिद्ध सांध्यकालीन महाआरती होती है।
ऋषिकेश व नीलकंठ महादेव
योग व ध्यान की वैश्विक राजधानी एवं भगवान शिव का प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर जहाँ उन्होंने समुद्र मंथन का विषपान किया था।
सहारनपुर व रुड़की नगर
उत्तर रेलवे का प्रमुख जंक्शन सहारनपुर तथा ऐतिहासिक आईआईटी व सैनिक छावनी नगर रुड़की। देश के हर हिस्से से रेल व बस संपर्क।
दैनिक दिनचर्या एवं कार्यालय समय
धर्मशाला में शांति, व्यवस्था और सात्विक वातावरण बनाए रखने के लिए दैनिक गतिविधियों का समय निर्धारित किया गया है। आगंतुक कृपया इस समय सारिणी का ध्यान रखें।
📞 किसी भी विशेष सूचना अथवा सहायता के लिए:
हेल्पलाइन: 9319954215, 9758407620
(कार्यालय समय: प्रातः 06:00 से रात्रि 09:00 बजे तक)
प्रातः काल दर्शन व मंगल वंदना
ईश्वर स्मरण एवं परिसर जागरण
अतिथि पंजीकरण एवं कक्ष आवंटन
तीर्थयात्रियों का स्वागत व चेक-इन
दोपहर सात्विक भोजन व भंडारा
अन्नपूर्णा रसोई सात्विक प्रसाद
सांध्यकालीन आरती व सत्संग
संध्या वंदन एवं भजन संकीर्तन
कार्यालय विश्राम व रात्रि सुरक्षा
मुख्य द्वार सुरक्षा एवं रात्रि शांति
शुभकामनाएँ एवं आशीर्वाद
समाज बंधुओं और धर्मप्रेमियों के पावन विचार जो हमारे सेवा पथ को ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करते हैं।
"छुटमलपुर में सैनी धर्मशाला का निर्माण पूरे समाज और हरिद्वार जाने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ा वरदान है। यह स्थान सेवा और श्रद्धा का सच्चा केंद्र बनेगा।"
चौधरी रामपाल सिंह सैनी
सहारनपुर, उत्तर प्रदेश
"पारदर्शी दान व्यवस्था और ऑनलाइन रसीद देखकर अत्यंत संतोष हुआ। पाई-पाई का सदुपयोग लोकहित में हो रहा है। हम सभी को बढ़-चढ़कर सहयोग देना चाहिए।"
डॉ. वीरेन्द्र कुमार सैनी
रुड़की, उत्तराखंड
"माँ शाकम्भरी देवी और हरिद्वार कुंभ यात्रा के मुख्य मार्ग पर स्थित होने से कांवड़ियों और दूर-दराज के श्रद्धालुओं को सात्विक विश्राम मिलेगा। अति उत्तम प्रयास।"
पंडित मुकेश शर्मा
तीर्थ पुरोहित, हरिद्वार
हमारी झलक
श्री सैनी धर्मशाला परिसर, कक्षों एवं विभिन्न सेवा कार्यक्रमों के कुछ दृश्य।
अभी कोई तस्वीर उपलब्ध नहीं है
धर्मशाला परिसर एवं कार्यक्रमों की नवीनतम तस्वीरें प्रबंधन द्वारा जल्द ही यहाँ प्रकाशित की जाएंगी।
सेवा एवं गतिविधियाँ
धर्मशाला परिसर में आयोजित होने वाले आगामी आध्यात्मिक एवं सामाजिक आयोजनों का विवरण।
अभी कोई गतिविधि उपलब्ध नहीं है
वर्तमान में कोई नया सार्वजनिक कार्यक्रम निर्धारित नहीं है। आगामी कार्यक्रमों की सूचना यहाँ प्रदर्शित की जाएगी।
संपर्क करें
कक्ष आरक्षण, व्यवस्था एवं धर्मशाला से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए हमें संपर्क करें।
धर्मशाला पता
वृन्दावन धाम कालोनी, रुड़की रोड,
नगर पंचायत छुटमलपुर, सहारनपुर (उ.प्र.)